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क की प्रयोग करना शुरू कर देती है गरीब जनता से ट्रैफिक नियम लागू कर पैसे किस तरह लिया जाए सरकार बखूबी जानती है की जनता के जेब से कैसे पैसा निकाला जाए तो कोई रास्ता नहीं निकला , चालान काटो , जीसीबी फोकस न्यूज़ ईश्वर कुमार तिवारी पश्चिमी चंपारण बेतिया ,

Bihar cabinet approved 10 agendas and Major decision taken for 1533 posts of various departments

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मुख्यमंत्री ने मैनाटांड़ में 306 करोड़ रुपये की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास
by Digital Bihar desk

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बेतिया / पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज शुक्रवार को पश्चिम चंपारण के मैनाटांड़ प्रखंड अंतर्गत रमपुरवा उच्च विद्यालय के खेल मैदान में करीब 306 करोड़ रुपये की 58 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट का अनावरण कर किया. मुख्यमंत्री ने सबसे पहले कृषि, परिवहन, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति एवं श्रम संसाधन विभाग द्वारा चलायी जा रही विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया. प्रदर्शनी के अवलोकन के क्रम में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित सतत् जीविकोपार्जन योजना के लाभार्थियों एवं जीविका समूहो को चेक प्रदान किया, जबकि परिवहन विभाग द्वारा चलायी जा रही मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना अंतर्गत तीन लाभुकों को वाहन की चाबी भी प्रदान की. समाज कल्याण विभाग के तहत गोद भराई कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री अंर्तजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के लाभुकों के बीच मुख्यमंत्री ने प्रमाण-पत्र वितरित किये. मुख्यमंत्री ने समेकित थरुहट विकास अभिकरण योजनांतर्गत ड्राइविंग प्रशिक्षण प्राप्त करनेवालों को प्रमाण-पत्र, पांच छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम के तहत पांच छात्रों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र, जबकि छह छात्रों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया. कार्यक्रम के पश्चात रमपुरवा उच्च विद्यालय खेल प्रांगण में मुख्यमंत्री ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत पौधरोपण भी किया. जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सबसे पहले कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का अभिनंदन करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि छह मई को चुनावी सभा में जब हम यहां आये थे, तो स्थानीय लोगों ने कुछ समस्याओं का जिक्र किया था, जिसके समाधान हेतु चुनाव बाद हमने निर्देश दिये थे. पूरे बिहार में अतिवृष्टि और सूखे के कारण आपदा की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. जलवायु परिवर्तन के कारण कई जगहों पर पर्यावरण में बदलाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो गयी हैं. गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर पंजाब के अमृतसर में आयोजित कार्यक्रम में शरीक होने के लिए गुरुवार को ही हम स्वर्ण मंदिर गये थे, जहां हमने देखा कि वर्षापात होने से सड़क किनारे जलजमाव की स्थिति पैदा हो गयी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण परिवर्तन हो देखते हुए हमलोगों ने बिहार विधानमंडल के सदस्यों की संयुक्त बैठक बुलायी थी, जिसमें पूरे बिहार में जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि हम कोई भी यात्रा चंपारण से ही शुरू करते हैं, क्योंकि 1917 में बापू ने चंपारण सत्याग्रह की शुरुआत जब इस धरती से की तो उससे पूरे देश मे ना सिर्फ जनजागृति आयी, बल्कि उसके 30 साल बाद ही देश आजाद हो गया. यहां जो एप्रोच पथ का निर्माण और उसके लिए जो भू-अर्जन का काम है, उसे तीन माह के अंदर पूरा कर लिया जायेगा. त्रिवेणी शाखा नहर के डिसिलटेशन और साइफन का काम जनवरी 2020 तक पूरा कर लिया जायेगा. त्रिवेणी शाखा नहर का काम वर्ष 2018 तक पूरा होना था, जो नहीं हो सका. इसके लिए जो भी जिम्मेदार अधिकारी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. पहले मैनाटांड़ से पटना पहुंचने में आठ घंटे का समय लगता था, जो अब घट कर चार घंटे हो गये हैं. उन्होंने कहा कि बिहार के किसी भी कोने से पटना पहुंचने के लिए पहले हमलोगों ने छह घंटे का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे अब पांच घंटे किया गया है. इसके लिए अनेक सड़क एवं पुल-पुलियों के निर्माण के साथ ही सड़कों का चौड़ीकरण भी किया जा रहा है. अगले साल तक पूरे बिहार के सभी गांव एवं उसके टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ने का हमलोगों लक्ष्य है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में कटनी के बाद खेतों में ही फसल अवशेष में किसानों द्वारा आग लगाये जाने के कारण आसपास के इलाकों में प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो गयी है. खेतों में ही फसल अवशेष को जलाने की शुरुआत इस इलाके में भी हो गयी है, जो बहुत ही गलत है. इससे प्रदूषण बढ़ने के साथ ही खेतों की उर्वरा शक्ति भी कम होने लगती है और उपज भी प्रभावित होती है इसलिए, इस पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए. अभी फसल कटाई में जिस कंबाइन हार्वेस्टर का इस्तेमाल हो रहा है, उससे पुआल खेतों में ही रह जाता है. खेतों में रहनेवाले फसल अवशेष को काटने, संग्रहित करने एवं उसका बंडल बनाने के लिए रोटरी मल्चर, स्ट्र‚ रीपर एवं स्ट्र‚ बेलर जैसे कृषि यंत्र को 75 प्रतिशत की अनुदान राशि पर सामान्य किसानों को, जबकि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और अतिपिछड़ा समुदाय के किसानों को 80 प्रतिशत की राशि पर मुहैया करायी जायेगी. इन यंत्रों का उपयोग करने से खेतों में फसल अवशेष जलाने की नौबत नहीं आयेगी. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कुओं के साथ ही आहर-पाइन, तालाब का जीर्णोद्धार एवं उसे अतिक्रमणमुक्त करने सहित 11 कामों को जल-जीवन-हरियाली अभियान से जोड़ा गया है, इसके अलावा सार्वजनिक चापाकल को भी मेंटेन किया जायेगा. आज जिन चार योजनाओं का उद्घाटन हुआ है, उससे आवागमन में सुविधा होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल तक पूरे बिहार में हर घर तक नल का जल उपलब्ध करा देंगे. नल का जल शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल है. इसलिए इसका दूसरे कामों में दुरुपयोग न करें. इससे भू-जल स्तर नीचे चला जायेगा और एक समय ऐसा आयेगा कि भू-जल खत्म हो जायेगा. पूरे देश मे शौचालय निर्माण का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. लोगों को खुले में शौच से मुक्ति और पीने का अगर स्वच्छ पानी मिल जाये तो 90 प्रतिशत बीमारियों से उन्हें छुटकारा मिल जायेगा. मेरा काम है, आपकी सेवा करने के साथ ही आपको जागृत करना कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं. पहले पूरे बिहार में 700 मेगावाट बिजली की खपत नहीं थी, जो अब बढ़ कर साढ़े पांच हजार मेगावाट हो गयी है. हम बिजली खरीद कर हर घर तक पहुंचा रहे हैं और अब सिंचाई के लिए कृषि फीडर के माध्यम से किसानों के खेतों तक मात्र 75 पैसे प्रति यूनिट की किफायती दर पर बिजली पहुंचाने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके लिए जिन किसानों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, उन्हें इस साल बिजली मुहैया करा दी जायेगी और अगस्त के बाद जिन किसानों ने आवेदन किया है, उन्हें अगले साल इसकी सुविधा प्रदान की जायेगी. उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा ही अक्षय ऊर्जा है, जो हमें पृथ्वी का अस्तित्व बरकरार रहने तक सदैव मिलता रहेगा. ग्रिड के माध्यम से हम जो बिजली पहुंचा रहे है, उसकी एक समय सीमा है, क्योंकि कोयले का सीमित भंडार है, इसलिए सौर ऊर्जा के प्रति हमलोग लोगों को प्रेरित करेंगे, क्योंकि सही मायने में सौर ऊर्जा ही असली ऊर्जा है, जिसे लोग नकली ऊर्जा समझ रहे हैं. मुख्यमंत्री ने बेतिया के जिलाधिकारी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इनकी पहल से 90 रुपये में सोलर लाइट यहां के छात्रें को मुहैया करायी जा रही है, इससे छात्रें को लालटेन और ढिबरी की जरूरत नही पड़ेगी. जनसभा में उपस्थित लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से बचने एवं पर्यावरण को ठीक रखने के लिए हमें काम करना चाहिए. सात निश्चय के अलावा अन्य योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण सहित सभी क्षेत्रों में विकास का काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुझे चार समस्याओं की जानकारी दी गयी थी, जिनका निराकरण कर दिया गया है और जिन योजनाओं की जरूरत थी, उसका उद्घाटन एवं शिलान्यास भी आज कर दिया गया है. इसके अलावा यदि और कोई समस्या है तो उसे बताइये. इस मौके पर स्थानीय लोगों ने मौखिक एवं लिखित रुप से अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री से साझा किये. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर की. तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त पंकज कुमार ने पौधा भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विकास कार्यों से संबंधित जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गयी पुस्तिका का विमोचन भी किया. स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया. जनसभा को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा एवं तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त पंकज कुमार ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, सांसद सतीश चंद्र दुबे, विधायक भागीरथी देवी, विधायक विनय बिहारी, विधान पार्षद बीरेंद्र नारायण यादव, विधान पार्षद सतीश कुमार, पूर्व मंत्री रेणु देवी, पूर्व विधायक दिलीप वर्मा, जेडीयू जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद कुशवाहा, भाजपा जिलाध्यक्ष गंगा प्रसाद पांडेय, लोजपा जिलाध्यक्ष मंजीत कुमार वर्मा, डीआईजी ललन मोहन प्रसाद, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, जिलाधिकारी नीलेश देवड़े, पुलिस अधीक्षक जयंतकांत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या आमलोग उपस्थित थे.

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‎Chandeshwar kumar Tiwari से प्राप्त फ़ोटो GCB Focus Hindi Dainik Samachar Patra, champaran, patna bihar, india.

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बिहार बोर्ड ने की 68 और कॉलेजों की मान्यता रद्द, देखें लिस्ट
Last Modified: Tue, Oct 18 2016. 20:23 IST

बिहार बोर्ड ने 68 और कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी है। साथ ही नए 19 कॉलेजों का निलंबन भी किया गया है। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

जिन कॉलेजों की मान्यता रद्द की गयी है उनमें सबसे अधिक रोहतास के 11 कॉलेज हैं। इसके बाद अरवल के 8 कॉलेज हैं। पटना के 3, नालंदा के 3, बक्सर के 6, नवादा के 5, औरंगाबाद के 5, भभुआ का 1, जहानाबाद के 2, मुजफ्फरपुर के 4, सीवान का 1, गोपालगंज के 4, लखीसराय के 2, खगड़िया के 2, जमुई का एक, समस्तीपुर के 2, सहरसा के 4, भागलपुर का एक, बांका के 2, पूर्णिया के एक कॉलेज की भी मान्यता रद्द की गयी है। इसके पहले 9 कॉलेजों की मान्यता रद्द की गयी थी।

जिन कॉलेजों की मान्यता निलंबित की गयी है उनमें भोजपुर के 12, समस्तीपुर के पांच, पूर्वी चंपारण के दो कॉलेज हैं। इन कॉलेजों को 15 दिन का समय दिया गया है। उन्हें जवाब देने को कहा गया है। अगर जवाब नहीं देते हैं तो इनकी भी मान्यता रद्द होगी। यहां बता दें कि अब तक तीन चरणों में कुल 173 स्कूल-कॉलेजों का निलंबन किया गया है।

चार कॉलेजों पर प्राथमिकी

इसके पहले चार कॉलेजों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। इन कॉलेजों द्वारा गलत सूचना बोर्ड को भेजी गयी थी।

कई कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं

बोर्ड को जानकारी मिली है कि कई कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर तक नहीं है। इसके बावजूद मान्यता दे दी गयी थी।

इन कॉलेजों की जांच करने के बाद इनकी मान्यता रद्द की गयी है। जितना इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए था, वैसा नहीं था। गलत तरीके से मान्यता ली गई थी। पूरी टीम ने जांच के बाद निर्णय लिया।

-आनंद किशोर, बोर्ड अध्यक्ष

जिन कॉलेजों की मान्यता रद्द की गयी है वो हैं…

त्रिमू्र्ति उच्च माध्यमिक विद्यालय इस्माईलपुर, पुनपुन, पटना

मो. मोजिबुर्रहमान उच्च माध्यमिक